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विकास पथ की राही - किरण माहेश्वरी

वर्ष 1985 में रामजन्म भूमि का प्रश्न प्रत्येक राष्ट्रवादी भारतीय के मन को व्यथित कर रहा था। विश्व हिन्दू परिषद की गंगाजल यात्रा ने देश में जागृति का ज्वार ला दिया था। 24 वर्ष की युवा वय में किरण ने गंगाजल यात्रा से अपने लोक जीवन में पहला कदम रखा। शीघ्र ही वे विश्व हिन्दू परिषद की एक अति सक्रिय कार्यकर्ता बन गई। दुर्गा वाहिनी में विभिन्न दायित्वों का निर्वाह करते हुए किरण को हिन्दू समाज की स्थिति एवं व्यथा से परिचय हुआ।

वर्ष1989 में रामजन्म भूमि राष्ट्रीय राजनीति के केन्द्र में आ गई। किरण माहेश्वरी कांकरोली में महिला जागृति के क्षेत्र में सुस्थापित हो चुकी थी। भाजपा में महिला कार्यकर्ताओं का समूह बना कर व्यवस्थित प्रचार का दायित्व किरण माहेश्वरी को दिया गया। इस प्रकार राजनीति क्षेत्र में उनका प्रवेश हुआ। 1990 के विधानसभा चुनावों में महिलाओं को सक्रिय कर सतत प्रचार अभियान चला कर उन्होनें अपने संगठन कौशल को दर्शाया।

वर्ष1991 में अपने पतिदेव का कार्यस्थल उदयपुर हो जाने के कारण वे उदयपुर आ गई। यहां भी महिला कार्यकर्ताओं को संगठित कर गांव गांव में महिला मोर्चा को सक्रिय करने में उन्होनें सक्रिय भागीदारी निभाई। महिला मोर्चा की जिला महामंत्री एवं जिला अध्यक्ष का दायित्व कुशलता से निभाया। 1992 में अयोध्या कार सेवा एवं 1993 में दिल्ली रैली में निष्ठा,समर्पण एवं चातुर्य से उन्होनें अपनी संगठन क्षमता की छाप छोड़ी।

वर्ष 1994 में वे उदयपुर नगर परिषद मे सर्वाधिक मतों से विजयी होकर सभापति बनी। भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन, जन समस्याओं का त्वरित समाधान, जन साधारण से सतत सम्पर्क एवं संवाद और सहयोगियों को समुचित सम्मान के कारण पूरे राजस्थान मे किरण माहेश्वरी की ख्याति फैल गई। उदयपुर नगर परिषद राज्य की सबसे सक्षम एवं आदर्श निकाय बन गई।

वर्ष 1994में ही उन्होनें महिला सशक्तिकरण एवं उन्नयन के लिए महिला सहकारी बैंक की स्थापना की। वे इसकी संस्थापक अध्यक्ष बनी। आधुनिक तकनीक, कुशल संगठन एवं संवेदनशीलता के कारण बैंक महिला उत्थान की अग्रणी संस्था बन गई।

वर्ष 2000 में किरण माहेश्वरी को भाजपा महिला मोर्चा की राजस्थान प्रदेश का अध्यक्ष बनाया गया। पूरे राज्य में सतत भ्रमण कर एवं तहसील स्तर तक प्रत्यक्ष सम्पर्क कर मोर्चे को उर्जावान एवं गतिशील बना दिया। 2000 में 22000 महिलाओं का कोटा मे महा अधिवेशन नें उन्हे राष्ट्रीय राजनीति में प्रतिष्ठित कर दिया। वे राष्ट्रीय कार्यकारिणी में मनोनीत की गई।

2003 में वे राजस्थान भाजपा की प्रथम महिला महासचिव बनी। परिवर्तन यात्रा में पूर्ण क्षमता एवं उर्जा से भाग लेकर महिला नेतृत्व के विकास में प्रमुख भागीदारी निभाई। उन्हें उदयपुर से विधानसभा प्रत्याशी घोषित किया गया। किन्तु संगठन हित में उन्होनें इसे त्याग दिया। 2004 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस की प्रमुख महिला नेत्री गिरिजा व्यास को आठों विधानसभा क्षेत्रों मे पराजित कर वे उदयपुर- राजसमन्द संसदीय क्षेत्र से लोकसभा पहूंची।

लोकसभा में प्रभावी भागीदारी, समसामयिक विषयों पर सारगर्मित अभिव्यक्ति एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन के कारण किरण माहेश्वरी ने एक विशेष पहचान बनाई। वे 2004 में ही भाजपा की राष्ट्रीय सचिव भी बनी।

वर्ष 2006 में उन्हे महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया। महिला मोर्चा की देहात की साधारण कार्यकर्ता से राष्ट्रीय अध्यक्ष तक यह यात्रा रोमांचकारी, उपलब्धियों से भरपुर एवं सिद्धान्तों के प्रति निष्ठा की यात्रा है। महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष रहते हुए उन्होनें संगठन के प्रत्येक स्तर पर एक तिहाई महिला आरक्षण की नीति स्वीकृति करवाई। भाजपा ऐसा प्रथम राजनीतिक दल बना, जहां संगठन में महिलाओं की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की गई।

वर्ष 2008 में वे राजसमन्द से विधायक निर्वाचित हुई। जनसाधारण एवं कार्यकर्ताओं सेसतत सम्पर्क एवं संवाद के कारण पूरे क्षेत्र में उन्होनें राजनेताओं की एक नई परिभाषा गढ़ डाली। सांसद एवं विधायक निधि का पारदर्शिता के साथ, जन अपेक्षाओं के अनुरूप एवं पूर्ण गुणवत्ता के साथ उपयोग कर गांव गांव में विकास की गंगा बहा दी। विधानसभा मे लोकमहत्व के विषयों पर निर्भिक एवं सारयुक्त अभिव्यक्ति नें उन्हें अग्रणी विधायकों की पंक्ति मे प्रतिष्ठित कर दिया। सदन में अधिकतम प्रश्न पुछने, विधायी कार्यों में पूरी रूची लेने एवं समितियों में नियमित भागीदारी से उन्होनें अपने जनदायित्व को निभाया। उन्होनें 5 वर्षों मे 650 से अधिक प्रश्न लगाने का कीर्तिमान भी बनाया।

वर्ष 2011 में उन्हें भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव मनोनीत किया गया। सभी दायित्वों का पूर्ण निष्ठा से निर्वाह, संगठन की मर्यादा के प्रति सदैव सजगता एवं वरिष्ठ नेतृत्व के मार्गदर्शन में सतत कर्मशीलता ही किरण की जीवनचर्या है। वे विविध सामाजिक एवं सेवा संगठनों से भी पूर्ण सक्रियता के साथ जुड़ी है। किरण ने वर्ष 2012 में राजसमंद में सर्वसमाज सामूहिक कन्यादान महोत्सव का आयोजन कर इस ग्रामीण अंचल में महिला सशक्तिकरण की एक नई पहल की है।

मार्च 2013 में उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया। अपने कार्यों के प्रति सतत समर्पण एवं संगठन के प्रति पूर्ण निष्ठा से ही किरण नें राजनीति में विशेष छवि बनाई है। सत्य निष्ठा, पारदर्शिता और कथनी करनी में एकरुपता किरण का व्यक्तित्व है।

राज्य सरकार एवं केन्द्र सरकार की सभी कल्याण कारी योजनाओं का अधिकतम लाभ अपने क्षेत्र को मिले, इसके लिए वे पूर्ण सचेष्ट रही। ब्यावर गोमती राजसमन्द उदयपुर एवं भीलवाड़़ा कांकरोली सड़क चौहरीकरण का कार्य उनके सतत परिश्रम के कारण ही प्रारम्भ हो सका। विभिन्न जीवनवृति (पेंशन ) योजनाओं मे राजसमन्द क्षेत्र के अधिकतम व्यक्तियों को लाभ दिलवानें का उन्होनें व्यक्तिशः प्रयास किया।

राजनीति के अतिरिक्त वे सामाजिक क्षेत्र में भी पूर्ण निष्ठा से सक्रिय रहती है। सर्व समाज सामूहिक विवाह, कांकरोली से चारभुजा पदयात्रा एवं मासुम बालिक के साथ दुष्कर्म एवं हत्या के अपराधी को मृत्युदण्ड दिलवाने जैसे कई कार्यों में उनकी अग्रणी भूमिका रही है। वे अखिल भारतीय माहेश्वरी महासभा, वैश्य महासम्मेलन, भारतीय लायन्स परिसंघ, भारत विकास परिषद, मृगेन्द्र भारती, सावरकर स्मृति जैसे कई सामाजिक एवं सेवा संगठनों में भी दायित्व निष्ठा के साथ निभा रही है।

वे संयुक्त राज्य अमेरिका, दक्षिण अफ्रिका, पाकिस्तान, आस्ट्रिया, जर्मनी, मलेशिया आदि देशों का भ्रमण कर चुकी है। वे भारत के सभी अंचलों का व्यापक भ्रमण कर यहाँ के जन जीवन और परम्पराओं का गहन अध्ययन कर चुकी है।

किरण राजनीति एवं सामाजिक क्षेत्रों में अतिव्यस्तता के उपरांत भी अपने पारिवारिकउत्तरदायित्वों के प्रति पूर्ण सजग है। परिवार के सदस्यों के साथ समय व्यतीत करना, थोड़ा अवसर मिलते ही रसोई में कार्य करना, घर के सारे कार्यों के प्रति सचेष्ट रहना उनकी दिनचर्या है। वे एक कुशल गृहणी भी है। रसोई में विविध व्यंजन बनाना उनकी रुची है।

कांकरोली से राजनीति में पहला कदम रखने वाली किरण माहेश्वरी आज राष्ट्रीय राजनीति में एक जाना पहचाना नाम है। मेवाड़ के गौरव को बढाने वाली, जनता के सुख दुख में सदैव भागीदारी करने वाली, अहंकार एवं अभियान से रहित, सरलता, सहजता एवं सादगी की प्रतिमूर्ति किरण जन जन की चहेती एवं लाड़ली बन गई है।

किरण का जीवन मंत्र है- अनवरत कार्यशीलता, व्यवहार में मृदुता एवं विनम्रता और लोक जीवन में पूर्ण पारदर्शिता।