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उच्च तकनीकी शिक्षा विभाग एवं बिज़नेस वर्ल्ड नई दिल्ली द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार में संवाद के मुख्य अंश

उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा बिज़नेस वर्ल्ड नई दिल्ली के साथ मिलकर ऑपोर्चुनिटीज़ फॉर हायर एडुकेशन: इनोवेशन, एन्टरप्रेन्यॉरशिप , स्किल और इंडस्ट्री कनेक्ट विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमीनार का आयोजन किया जा रहा है। अभी विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में नया शैक्षणिक स़त्र् प्रारम्भ हुआ है, इनमें प्रवेश प्रक्रिया चल रही है।
हम अपने पास उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करके भी राजकीय महाविद्यालयों में स्नातक एवं स्नातकोत्तर के प्रथम वर्ष में केवल 1 लाख 36 हजार विद्यार्थियों को प्रवेश दे पाते हैं जबकि नए कुल आवेदकों की संख्या अब लगभग 3 लाख 86 हजार है। ऐसी स्थिति में हमने प्रथम वर्ष में 25 प्रतिषत सिटों में यानी 36,000 सिटों में वृद्धि की है एवं पी.जी. में इस सत्र से 50 प्रतिशत यानी 9,000 सिटों की वृद्धि की है। इस प्रकार पी.जी. में पहले 18,000 छात्र प्रवेष लेते थे परन्तु इस वर्ष से 27,000 छात्र पी.जी. में प्रवेष ले सकेगे। इसके साथ ही प्रवेष की समस्या के निराकरण के लिये एस.एफ.एस मोड में एक नवीन वर्ग प्रारम्भ करने के निर्देष भी जारी किए है।

इसके साथ ही माननीय मुख्य मंत्री जी द्वारा विभिन्न काॅलेजों में एस.एफ.एस में संचालित 64 पाठ्यक्रमों को रेगुलर किया गया है। इस वर्ष सरकार के समक्ष भी यह एक बडी चुनौती है कि इस युवा शक्ति को किस प्रकार उच्च शिक्षा के साथ जोडा जाए ताकि देश की यह भावी धरोहर सकारात्मकता के साथ क्षमता विकास करे एवं देश के विकास में भागीदार बने।
कालेज शिक्षा विभाग द्वारा इस चुनौती पर मंथन एवं उपाय ढूंढने की दिशा में किये जा रहे प्रयासों की श्रृंखला में इस कान्फ्रेन्स का आयोजन इस दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है कि हम सब मिलकर इस बात पर मंथन करें कि इस देश के युवा को उसकी मांग एवं अपेक्षा के अनुसार शिक्षा उपलब्ध करवाने की व्यवस्था का स्वरुप क्या हो? उसे रोजगोन्मुख कौषल कैसे दी जाए तथा उसको पढाई के साथ साथ क्या ऐसी व्यवस्थाएं की जायें कि जब वह कालेजों अथवा विष्वविद्यालयों से ग्रेजुएशन अथवा पोस्ट ग्रेजुएशन करके निकले तो उसे और समय गंवाए बिना रोजगार के दरवाजे खुलते नज़र आए। क्या हम और आप मिलकर ऐसी व्यवस्थाएँ स्थापित कर सकते हैं जो शिक्षा- दक्षता- रोजगार को मूर्त रुप दे सके।
हमारे देश के मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने शिक्षा में गुणात्मकता एवं विस्तार के लिये अनेकों योजनाओं का शुभारम्भ किया है। हमारे माननीय प्रधानमंत्री जी भी युवा पीढी को कौषल विकास द्वारा मानव संसाधन एवं शक्ति में परिणित करने के लिये कृत संकल्प हैं। परन्तु उनके इस सपने को साकार करने के लिये सरकार के साथ आप सभी को भी कंधे से कंधा मिलाकर साथ देना होगा।

हमारा यह राज्य उच्च षिक्षा के क्षेत्र में काफी आगे बढ रहा है। हमारी सरकार ने 71 राजकीय महाविद्यालय खोले हैं, महिला षिक्षा को बढावा देने के लिये भी कन्या महाविद्यालय खोलने के साथ-साथ क्रमोन्नत किए है तथा कई नए विषय भी प्रारम्भ करवाए हैं ताकि हम अपनी इस भविष्य की धरोहर को उच्च शिक्षा सुलभ करा सकें।

हमारे इस प्रयास में हम यह अपेक्षा रखते हे कि कार्पोरेट सोसियल रिस्पाॅन्सिबिलिटी के अन्तर्गत भी निजी क्षेत्र राजस्थान में उच्च शिखा में गुणवत्ता एवं विद्यार्थियों में दक्षता विकास के लिये अपनी सहभागिता करे।

यहां केन्द्र एवं राज्य सरकार के कुछ संस्थान जैसे Rajasthan ILD Skill University, Jaipur(IGNOU) एवं Center for Electronic Governance, Jaipur संचालित हेैं जिनके साथ आज हम कालेज शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा के विभागों के साथ एम्.ओ.यू करने जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त निजी क्षेत्र से भी ICICI Academy for Skills; HIK Vision, Mumbai; Morarka Foundation, Jaipur; Jaipuria Institute of Management, Jaipur and Bodh Shiksha आदि एम्.ओ.यू करने जा रहे हैं, इस प्रकार सरकार एवं निजी सहभागिता के एक नए अध्याय की शुरुआत होने जा रही है।

HIK Vision, Mumbai की ओर से 75 राजकीय महाविद्यालयों में 30 लाख रुपये मूल्य के सर्विलान्स कैमरे एवं डी.वि.आर का उनके सी.एस.आर के अन्तर्गत निःषुल्क प्रस्ताव मिला है, जो कि हमारे लिये एक उपलब्धि है।

अभी हाल ही में 9 जुलाई 2018 को ही माइक्रोसॉफ्ट नेे कालेज शिक्षा विभाग के साथ 9,500 स्टूडेंट्स तथा 500 टीचर्स को निःषुल्क प्रषिक्षण प्रदान करवाने एवं उनका दक्षता मूल्यांकन करवाकर प्रमाणपत्र प्रदान करवाने हेतु एम.ओ.यू किया है। इसी प्रकार McGraw Hill India व कुछ अन्य एजेन्सीज ने भी हमसे विभिन्न प्रस्तावों के माध्यम से जुडने का अनुरोध प्राप्त किया है।

हमने हमारे यहां महाविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों में उद्य़मिता एवं कौषल विकास के अनेकों कार्यक्रम प्रारम्भ किये हैं। विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास हमारा ध्येय है और इसी लिए हमने विद्यार्थियों में भाषा दक्षता, रोजगार परक कौषल विकास आधारित पाठ्यक्रमों को महाविद्यालयों में ऐड-ऑन रुप में प्रारम्भ करवाकर एक नई पहल की है। हमारे प्रहले ही प्रयास में इग्नू के माध्यम से उद्य़मिता एवं कौषल विकास आधारित प्रारम्भ किये गए। 24 पाठयक्रमों में लगभग 16,500 नियमित विद्यार्थी पंजीकृत हुए हैं, जो कि विद्यार्थियों में प्रधानमंत्री जी की युवाओं में दक्षता विकास हेतु दूर दृष्टिपूर्ण सोच के प्रति साकारात्मक संदेष है। हमारे इस ऐड-ऑन माॅडल को कई अन्य राज्य भी प्रारम्भ करने जा रहे हैं।

हमने विद्यार्थियों को अंग्रेजी एवं विदेषी भाषा कौषल विकास से लेकर कम्प्यूटर आधारित ज्ञान, ग्रामीण विकास से लेकर उद्यमिता, वाटर हार्वेस्टिंग, डेरी, मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी, टूरिज्म आदि कई ऐसे अनेकों कार्यक्रम प्रारम्भ किये हैं जिनमें विद्यार्थी रुचि ले रहे हैं।
इसी वर्ष से पहली बार हमने विद्यार्थियों में 2 सप्ताह अवधि के इंग्लिश भाषा लर्निंग कोर्स, कंप्यूटर कोर्स, होम गार्डनिंग, योगा और मैडिटेशन, फ़ूड प्रिजर्वेशन आदि कोर्सेस में समर कैंप प्रोग्राम प्रायोगिक तौर पर प्रारम्भ करवाए जिनमें विद्यार्थियों ने काफी रुचि दिखाई और सहभागिता की। अब हमें विश्वास हो गया है कि ऐसे कोर्सेस विद्यार्थियों की मांग भी हैं और हम इन्हें अगले वर्ष और अधिक संख्या में प्रारम्भ करेंगे।

अभी हाल ही में हमें इसके अलावा हमने विद्यार्थियों को ऍप बेस्ड लर्निंग के लिए भी प्लेटफाम्र्स उपलब्ध करवाए हैं जिनमें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु दिशारी ऍप विद्यार्थियों में काफी चर्चित हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए यह निःषुल्क ऍप है एवं इस ऍप पर 6-7 महीने में ही इस समय करीब 1 लाख 50 हजार युवा पंजीकृत हुए हैं। इसी प्रकार प्रतियोगी परीक्षा एवं भाषा ज्ञान की दृष्टि से अंग्रेजी सीखने हेतु हमने निःषुल्क ही यू.पी.ई.आर ऍप लांच करवाया जिस पर 29 हजार से अधिक युवा अंग्रेजी सीख रहे हैं।

आई.सी.आई.सी.आई अकादमी द्वारा विद्यार्थियों को प्रषिक्षण एवं प्लेसमैण्ट हेतु प्रस्ताव मिला है जिस पर हमने सहमति प्रदान करते हुए उन कोर्सेंस को शीघ्र प्रारम्भ करने के लिए कहा है। हम चाहते हें कि हमारे विद्यार्थियों में इस प्रकार की क्षमता विकसित की जाए कि नियेात्का महाविद्यालयों में आकर कैंपस प्लेसमेंट करें और इन विद्यार्थियों को जल्द रोजगार मिले। मैं समझती हूं कि इस प्रकार के प्रस्ताव विद्यार्थियों में उच्च शिक्षा सुलभ होने में मददगार होंगे।

इस अवसर पर मैं विद्यार्थी हित में प्रस्ताव देने वाली सभी एजेन्सीज को यह कहना चाहती हूं की हमारी यह युवा पीढी हमारे देश का भविष्य है, इसमें दक्षता विकास के लिए आपका बढाया हुआ एक कदम देश की तस्वीर बदल सकता है। मैं आपको यह आश्वस्त करना चाहती हूं कि हमारे विभाग से आपको सदैव पूर्ण सहयोग मिलेगा। मैं यह भी कहना चाहूंगीं कि जो एजेन्सीज हमारे टेक्निकल एजुकेशन एवं संस्कृत शिक्षा के विद्यार्थियों के लिए भी ऐसे कोई प्रस्ताव देना चाहें तों उनका भी स्वागत है।

इस प्रकार के 02 आयोजन पूर्व में भी (10th World Education Summit, 11-12 Aug. 2017, New Delhi; and Higher Education & Human Resource Conclave 21-22 Dec. 2017, Jaipur) इस विभाग द्वारा आयोजित करवाए गए हैं, जिनके माध्यम से विभाग को कई उपलब्धियां हांसिल हुई हैं। अतः मैं मानती हूं कि इस प्रकार के आयोजनों से विभाग, निजी संस्थाएं एवं एजेन्सीज सभी को विद्यार्थी हित में कार्य करने का अवसर मिल रहा है।

ऐसे नवाचारों के लिये मैं हमारे अतिरिक्त मुख्य सचिव डाॅ सुबोध अग्रवाल जी एवं कालेज शिक्षा आयुक्त श्री आशुतोष जी एवं उनकी पूरी टीम को भी धन्यवाद देना चाहूंगी कि कई ऐसे विद्यार्थी केन्द्रित नवाचार प्रारम्भ किए गए है जिनकी विद्यार्थियों को रोजगार के क्षेत्र में आगे बढने के लिये आवश्यकता है। मैं आषा करती हूं की भविष्य में इसी प्रकार संस्थाएं प्रदेष के शिक्षा क्षेत्र में अपना योगदान देते रहेगें।