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संस्कृत दिवस के उपलक्ष्य में राज्य स्तरीय विद्वत सम्मान समारोह 2018 में भाग लिया।

संस्कृत दिवस के उपलक्ष्य में निदेशालय संस्कृत शिक्षा राजस्थान द्वारा उदयपुर के मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के विवेकानंद सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय विद्वत सम्मान समारोह 2018 में भाग लिया।
भव्य पारम्परिक नृत्य कला के प्रदर्शन के पश्चात् कार्यक्रम की शुरुआत हुई।
संस्कृत के क्षेत्र में अपनी उत्कृष्ट सेवा प्रदान करने वाले विद्वानों को विविध पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।
समारोह में संस्कृत साधना शिखर सम्मान राशि 1,00,000/- रूपए, संस्कृत साधना सम्मान राशि 51,000/- रूपए, संस्कृत विद्वान् सम्मान राशि 31,000/- रूपए, संस्कृत युवा प्रतिभा पुरस्कार 21,000/- रूपए, विश्वविद्यालय में सर्वोच्च अंक प्राप्तकर्ता को 2500/- रूपए एवं अन्य कई पुरस्कार दिए गए।
कार्यक्रम में पधारे समस्त लोगों को संबोधित करते हुए संस्कृत भाषा को जीवित रखे हुए समस्त विद्वानों के प्रति आभार प्रकट किया।
साथ ही कहा की संस्कृत भाषा की महत्ता और संस्कृत के वेदों को हर व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए हमारी सरकार तत्पर कार्य कर रही है। संस्कृत भाषा को हर अन्य भाषा की जननी बताते हुए कहा की संस्कृत के अधिक से अधिक प्रयोग एवं भाषा को हर इंसान की जुबां पर लाने के लिए प्रदेश भर में संस्कार भार्ती के माध्यम से संस्कृत विद्यालयों के शिक्षकों एवं बालकों को उचित प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु विभिन्न शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।
साथ ही यह भी कहा की संस्कृत विभाग को ग्रहण किए इन 2 वर्षों में संस्कृत विद्यालयों को गुणवत्ता प्रदान करने हेतु हमने अथक प्रयास किए हैं। सभी को सूचित करते हुए यह भी बताया की अजमेर जिले के केकड़ी में नवनिर्मित शास्त्री कॉलेज बनाया जा रहा है एवं इसी वर्ष यह संस्कृत कॉलेज प्रारंभ किया जाएगा।

कार्यक्रम में अध्यक्ष राजस्थान विधानसभा श्री कैलाश जी मेघवाल, श्री पुष्कर दास जी महाराज, श्री राजेंद्र दास देवाचार्य जी, कुलपति एम्.एल.इस.यु श्री जे.पी. शर्मा जी, संस्थापक वैदिक कल्लाजी विश्वविद्यालय कैलाश जी मूंदड़ा एवं अधिक मात्रा में संस्कृत के विद्वान् उपस्थित रहे।